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लैब जांच के नाम पर लीपापोती, दुल्लापुर नहर नवनीकरण में ठेकेदार–अधिकारी कटघरे में


कवर्धा, पंडरिया।  विकासखंड के ग्राम दुल्लापुर में 4 किलोमीटर तक चल रहे नहर नवनीकरण कार्य में अब लाल गिट्टी की लैब जांच को लेकर बड़ा संदेह खड़ा हो गया है। ठेकेदार और संबंधित अधिकारी दावा तो कर रहे हैं कि “लाल गिट्टी की लैब चेकिंग हो चुकी है”, लेकिन जब लैब रिपोर्ट दिखाने की मांग की गई तो जवाब घुमा-फिराकर दिए जा रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि अब तक कोई प्रमाणिक लैब रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे साफ संकेत मिलता है कि या तो जांच कराई ही नहीं गई, या फिर रिपोर्ट मानकों पर खरी नहीं उतरी। दोनों ही स्थिति में यह जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल है।
सूत्रों के मुताबिक, गुणवत्ता नियंत्रण केवल मौखिक दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बिना मानक सामग्री के नहर नवनीकरण किया जा रहा है। यदि वास्तव में लैब जांच हुई है तो रिपोर्ट छुपाने की मजबूरी क्यों?
क्या ठेकेदार को बचाने के लिए अधिकारी जानबूझकर टालमटोल कर रहे हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटिया सामग्री से नहर कुछ ही समय में रिसने, बैठने और टूटने लगेगी, जिसका सीधा नुकसान किसानों और सिंचाई व्यवस्था को होगा।
अब मांग उठ रही है कि
लाल गिट्टी की स्वतंत्र लैब से दोबारा जांच कराई जाए
संबंधित एसडीओ, सब इंजीनियर और ठेकेदार की भूमिका की जांच हो
जब तक रिपोर्ट सार्वजनिक न हो, कार्य तत्काल रोका जाए
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह नहर नवनीकरण नहीं, बल्कि सरकारी पैसे की खुली बर्बादी साबित होगी।

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