कवर्धा में जुए के बड़े नेटवर्क की चर्चा तेज, पुलिस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े

कवर्धा शहर में एक बार फिर जुआ और सट्टे के कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। करपात्री चौक स्थित एक मकान में पुलिस की दबिश के बाद लाखों रुपये नगद बरामद होने से शहर में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर संचालित हो रहे जुए के फड़ की जानकारी स्थानीय स्तर पर पहले क्यों नहीं मिल पाई। पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार कर कार्रवाई जरूर की है, लेकिन इस पूरे मामले ने शहर में अवैध गतिविधियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, इस पर बहस छेड़ दी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को लंबे समय से शहर में कई स्थानों पर देर रात तक जुआ खेलने की शिकायतें मिल रही थीं। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर नियमित रूप से हार-जीत का खेल चलता था, जहां बड़ी रकम दांव पर लगाई जाती थी। करपात्री चौक में हुई कार्रवाई के बाद अब लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह केवल एक छोटा हिस्सा है या शहर में और भी कई स्थानों पर इसी तरह का नेटवर्क सक्रिय है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जुआ और सट्टा जैसी गतिविधियों के कारण युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। कई परिवार आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं, वहीं समाज में अपराध बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जब शहर के बीचों-बीच इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं, तब संबंधित निगरानी तंत्र आखिर क्या कर रहा था। अब कार्रवाई के बाद यह भी चर्चा है कि क्या केवल पकड़ में आए लोगों तक मामला सीमित रहेगा या जुआ संचालन से जुड़े अन्य लोगों तक भी पुलिस पहुंचेगी।
शहर के सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से लगातार निगरानी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई होने के बावजूद अवैध जुए का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं न कहीं इस कारोबार को संरक्षण मिलने की चर्चाएं भी आम होती जा रही हैं।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, लेकिन शहरवासियों का मानना है कि केवल कार्रवाई दिखाने से ज्यादा जरूरी है कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और कितने नाम सामने आते हैं और पुलिस जांच किस दिशा में बढ़ती है।



