मोहगांव धान खरीदी केंद्र में 4,764.49 क्विंटल धान पर सवाल, करोड़ों की सरकारी संपत्ति की निगरानी पर उठे प्रश्न

कवर्धा। मोहगांव धान खरीदी केंद्र में दर्ज धान के स्टॉक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार केंद्र में 4,764.49 क्विंटल धान दर्ज है, जिसकी कीमत सरकारी समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लगभग 1 करोड़ 47 लाख 69 हजार 919 रुपये बैठती है।
इतनी बड़ी मात्रा में धान और करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी संपत्ति को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि धान खरीदी केंद्रों में दर्ज स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन होना चाहिए, ताकि रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में किसी भी प्रकार की विसंगति की आशंका समाप्त हो सके।
किसानों का सवाल है कि जब खरीदी के समय किसानों के धान की एक-एक बोरी का हिसाब रखा जाता है, तब खरीदी के बाद करोड़ों रुपये मूल्य के धान की निगरानी और सत्यापन को लेकर पारदर्शिता क्यों दिखाई नहीं देती। क्षेत्र में यह मांग भी उठ रही है कि संबंधित विभाग मोहगांव धान खरीदी केंद्र के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में दर्ज 4,764.49 क्विंटल धान सुरक्षित रूप से भंडारित है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या रिकॉर्ड में विसंगति सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मोहगांव धान खरीदी केंद्र का मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है। किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी संपत्ति के मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।




