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भोरमदेव मेला में बिजली के नाम पर अवैध वसूली के आरोप, जांच की उठी मांग


कवर्धा। कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर परिसर में श्रावण मास के दौरान आयोजित एक माह के मेले में दुकानदारों से बिजली व्यवस्था के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में स्थानीय स्तर पर चौरा पंचायत के उपसरपंच एवं एक सत्ता पक्ष से जुड़े नेता के नाम की भी चर्चा हो रही है। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार श्रावण मास में भोरमदेव मंदिर परिसर में 100 से अधिक अस्थायी दुकानें लगाई गई हैं। आरोप है कि इन दुकानदारों से बिजली कनेक्शन और बिजली बिल के नाम पर प्रति दुकान 1,000 से 1,200 रुपये तक वसूले गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिजली व्यवस्था के नाम पर राशि ली जा रही है, लेकिन इसकी कोई स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौरा पंचायत के उपसरपंच के नाम पर एक टीसी (अस्थायी) बिजली कनेक्शन जारी किया गया, जिसके माध्यम से मेले की दुकानों तक बिजली पहुंचाई गई। आरोप यह भी है कि इसी व्यवस्था के आधार पर दुकानदारों से मनमाने तरीके से राशि वसूली गई। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि प्रशासन मेले के लिए भूमि उपयोग शुल्क और दुकान किराया अधिकृत रूप से वसूल रहा है, तो बिजली व्यवस्था भी प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा सीधे क्यों नहीं की गई।

दुकानदारों का कहना है कि दुकान लगाने के लिए बकायदा रसीद काटकर राशि ली गई है। ऐसे में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए अलग से किसी व्यक्ति को जिम्मेदारी देकर दुकानदारों से वसूली किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने यह भी पूछा है कि आखिर एक ही टीसी कनेक्शन के आधार पर 100 से अधिक दुकानों में बिजली आपूर्ति की अनुमति किस आधार पर दी गई।

मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कितने दुकानदारों से कितनी राशि ली गई, राशि निर्धारण का आधार क्या था तथा बिजली विभाग को वास्तविक रूप से कितना भुगतान किया गया, इसकी विस्तृत जांच कर सार्वजनिक जानकारी दी जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए।

बिजली विभाग का पक्ष

इस संबंध में राजानवागांव के कनिष्ठ अभियंता (जेई) बृजेश धुर्वे ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में टीसी कनेक्शन से किसी अन्य व्यक्ति को अलग कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। हालांकि भोरमदेव मेले में बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानदारों के सभी दस्तावेज लेना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था, इसलिए व्यवस्था के तहत एक व्यक्ति के नाम पर अस्थायी कनेक्शन जारी किया गया था।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और दुकानदार प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

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