पालिका की अनदेखी से गुरु नाले पर कब्जा, कवर्धा में ‘बाढ़ के बीज’ बो रहे अवैध निर्माण


कवर्धा। नगर पालिका कवर्धा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है और इस पूरे मामले में नगर पालिका की अनदेखी साफ तौर पर सामने आ रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में सरकारी जमीन की प्लॉटिंग कर बिक्री की जा रही है, वहीं नालों की भूमि पर कब्जा कर मकान निर्माण धड़ल्ले से जारी है।
जी श्याम नगर और रामनगर क्षेत्र में गुरु नाले की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहा है। नाले में मुरुम डालकर उसकी चौड़ाई कम की जा रही है और उस पर रास्ता बनाकर मकान खड़े किए जा रहे हैं। इससे बारिश के दौरान पानी निकासी बाधित होने और जलभराव की स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका की लापरवाही और अनदेखी के चलते संभव हो रहा है। समय रहते कार्रवाई नहीं होने से बिल्डर नाले की जमीन को प्लॉटिंग कर बेच रहे हैं और आम लोगों को गुमराह कर मोटी कमाई कर रहे हैं। घर खरीदने वाले लोगों को यह जानकारी तक नहीं है कि जिस जमीन को वे रास्ता समझ रहे हैं, वह असल में नाले की भूमि है।
गौरतलब है कि पूर्व में नाले के जीर्णोद्धार और आरसीसी पिचिंग के लिए सीमांकन और मार्किंग की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के मकान इसमें आने के कारण कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। नतीजतन आज गुरु नाले का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है और अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं।
यदि समय रहते नगर पालिका ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में शहर को जलभराव, विवाद और बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल जिम्मेदारों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।




