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बस स्टैंड रेवाबांध तालाब के पास मेरा घर है, कभी भी आ जाना”  भाषण याद है, हकीकत गायब उपमुख्यमंत्री के गृह नगर कवर्धा में जनता दरकिनार, अधिकारी बेलगाम।

कवर्धा। विधानसभा चुनाव के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री का मंच से दिया गया यह बयान
“रेवा बांध के बगल में मेरा घर है, कभी भी आ जाना”आज कवर्धा विधानसभा की जनता के लिए सिर्फ़ चुनावी जुमला और खोखला भरोसा बनकर रह गया है।
मंत्री बनने के बाद वे ज्यादातर समय रायपुर में ही रह रहे हैं, जबकि उनके गृह जिले कवर्धा में जनता अपनी बुनियादी समस्याओं का समाधान खोजते-खोजते थक चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के प्रमुख विभाग PWD, PMGSY, RTO, पुलिस, जल संसाधन विभाग, PHE के अधिकारी जनता का फोन नहीं उठाते। शिकायतें दर्ज कराने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है, समाधान नहीं।
PWD और PMGSY विभाग: ग्रामीण संपर्क मार्ग और सड़कों की खस्ता हालत, शिकायत करने पर कोई जवाब नहीं।
RTO विभाग: वाहन रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस समस्याओं पर घंटों इंतजार, कोई ठोस कार्रवाई नहीं।
पुलिस विभाग: सुरक्षा और शिकायतों में लापरवाही, लोगों की फरियाद बेअसर।
जल संसाधन विभाग और PHE: पानी की समस्या, टूटी पाइपलाइन, विभागीय उदासीनता।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मंत्री जी के बनाए हुए नेता भी अब जनता से संपर्क तोड़ चुके हैं। चुनाव के समय घर-घर जाकर सक्रिय दिखने वाले ये नेता अब जनता की फरियाद सुनने के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
अब सवाल उठता है
क्या “कभी भी आ जाना” सिर्फ चुनावी जुमला था?
जब गृह मंत्री रायपुर में रहकर ही शासन चला रहे हैं, तो कवर्धा की जनता अपनी समस्या लेकर कहां जाए?
क्या मंत्री और उनके अफसर जनता की आवाज को बेअसर और नज़रअंदाज समझते हैं?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कों, पानी, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं, लेकिन शिकायत करने का कोई असर नहीं। जनता का भरोसा टूट रहा है, और चुनावी वादों की असलियत सामने आ रही है।
कवर्धा विधानसभा की जनता अब सवाल पूछ रही है
वास्तविक समस्या का समाधान कब आएगा, या केवल चुनावी भाषणों तक ही सब सीमित रहेगा?

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