PMGSY सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की पगडंडी! 2.30 किमी में खुली लूट, मानकों की खुलेआम हत्या

कबीरधाम जिले के दियावार से बददो तक बन रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 2.30 किमी सड़क जनता के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना बन चुकी है। निर्माण स्थल पर GSB और WBM जैसी अनिवार्य परतें पूरी तरह गायब हैं, लेकिन कागजों में सब “पूर्ण” दिखाया जा रहा है।
नियमों को ताक पर रखकर बिना बेस तैयार किए सीधे 10 एमएम और जीरा गिट्टी का जाल बिछाया जा रहा है। न रोलर चल रहा है, न पानी का छिड़काव हो रहा है यानि सड़क नहीं, सिर्फ गिट्टी फैला कर सरकारी पैसों की खुली बंदरबांट की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ रही हैं, तो PMGSY के इंजीनियर, उपयंत्री और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं दिखते? क्या घटिया निर्माण की यह स्क्रिप्ट ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से पहले ही लिखी जा चुकी है?
ग्रामीणों में आक्रोश है कि यह सड़क एक बरसात भी नहीं झेल पाएगी, लेकिन कमीशनखोरी के खेल में जनता की परेशानी किसी को दिखाई नहीं दे रही। प्रधानमंत्री के नाम पर चल रही योजना में इस तरह की लूट सीधे-सीधे जनता के भरोसे पर डाका है।
अब सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, बल्कि जवाबदेही का है क्या जिला प्रशासन इस खुले भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करेगा या फिर यह सड़क भी बाकी घोटालों की तरह फाइलों में दम तोड़ देगी?




