कवर्धा में गैस वितरण पर सवाल: घरेलू उपभोक्ताओं को 45 दिन इंतजार, बाजार में धड़ल्ले से खपत!

कवर्धा। जिले में रसोई गैस वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए 40-45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बाजार में होटल, ढाबा और ठेला व्यवसायों में घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियां अब सिलेंडर की आपूर्ति सीधे न देकर “OTP सिस्टम” के माध्यम से दे रही हैं, जिससे आम लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि इतना लंबा इंतजार यह सवाल खड़ा करता है कि क्या एक घरेलू सिलेंडर वास्तव में 45 दिन तक चल सकता है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा जानबूझकर सप्लाई में देरी की जा रही है और सिलेंडरों की कालाबाजारी (ब्लैक मार्केटिंग) की जा रही है। यही कारण है कि बाजार में व्यावसायिक उपयोग के लिए घरेलू गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।
नियमों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग केवल घरों में खाना बनाने के लिए ही किया जाना चाहिए, लेकिन हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। होटल और ठेलों में इन सिलेंडरों का इस्तेमाल न सिर्फ नियमों की अनदेखी है, बल्कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में संबंधित विभाग और प्रशासन की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय पर जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसियों की जांच कर पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।




