“रातों-रात बना ‘गौरव पथ’ बना विवाद का कारण: 41.65 लाख की सड़क में दरारें, नाली अधूरी


कवर्धा। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत ग्राम बम्हनी में निर्मित सीसी रोड सह नाली निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब गंभीर विवादों में घिर गया है। करीब 41.65 लाख रुपए की लागत से बनी 500 मीटर लंबी सीसी सड़क में शुरू से अंत तक दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा निर्माण कार्य रात के समय जल्दबाजी में किया गया, जिससे गुणवत्ता से समझौता किया गया। लोगों का कहना है कि दिन के बजाय रात में काम करने से निगरानी नहीं हो पाई और ठेकेदार ने मनमानी करते हुए घटिया सामग्री का उपयोग किया।
स्थिति यह है कि सड़क पूर्ण होने के कुछ ही समय बाद 0 से 500 मीटर तक जगह-जगह दरारें उभर आई हैं, वहीं योजना के तहत बनने वाली नाली अब भी अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हैरानी की बात यह भी है कि निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड में अब तक कार्य प्रारंभ तिथि और पूर्णता तिथि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जब इस संबंध में ठेकेदार मे. आर. के. कंस्ट्रक्शन कवर्धा से शिकायत की गई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय “फेविकोल से दरार चिपकाने” जैसी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया दी, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
इस पूरे मामले में ग्रामीण विकास विभाग और कार्यपालन अभियंता सुरेन्द्र कुमार पटेल की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। इतने बड़े बजट के बावजूद इस तरह का निर्माण यह दर्शाता है कि निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में भारी लापरवाही बरती गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
ग्रामीणों का कहना है कि “गौरव पथ” अब उनके लिए गर्व नहीं, बल्कि लापरवाही और भ्रष्टाचार की पहचान बन चुका है।




