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स्कूल खुलने से पहले नगर पालिका की बड़ी लापरवाही! हर गली में दौड़ेंगी स्कूल बसें, ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा बढ़ा, फिर भी बस स्टॉप बनाने की नहीं हुई तैयारी

कवर्धा। जिले में 16 जून से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है। हजारों छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचेंगे, लेकिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नगर पालिका की तैयारी पूरी तरह नदारद नजर आ रही है। हर साल की तरह इस बार भी निजी स्कूलों की बसें शहर के हर वार्ड और संकरी गलियों तक पहुंचेंगी, जिससे सुबह और दोपहर के समय यातायात व्यवस्था चरमरा जाने की आशंका है।
शहर के अधिकांश वार्डों में स्कूल बसों के लिए कोई निर्धारित बस स्टॉप नहीं है। इसका सीधा असर यह होता है कि बसें घर-घर जाकर बच्चों को लेने और छोड़ने के लिए मोहल्लों के भीतर प्रवेश करती हैं। संकरी सड़कों पर जब एक साथ कई बसें पहुंचती हैं तो सड़कें पूरी तरह जाम हो जाती हैं। आम नागरिकों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।
हैरानी की बात यह है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से शहरवासी स्कूल बसों के लिए अलग बस स्टॉप और निर्धारित पिकअप पॉइंट बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। करोड़ों रुपये विकास कार्यों पर खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर की मूलभूत यातायात व्यवस्था आज भी भगवान भरोसे चल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रत्येक वार्ड में एक या दो स्कूल बस स्टॉप चिन्हित कर दिए जाएं तो बच्चे सुरक्षित तरीके से वहां तक पहुंच सकते हैं और बसों को मोहल्लों के अंदर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। इसके बावजूद नगर पालिका और संबंधित विभाग इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
शहर के मुख्य मार्गों के अलावा कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों में भी बसों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। कई जगहों पर बसें बीच सड़क पर खड़ी होकर बच्चों का इंतजार करती हैं, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। यदि इसी दौरान एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन पहुंच जाएं तो उनके लिए रास्ता बनाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद नगर पालिका ने न तो कोई ट्रैफिक सर्वे कराया और न ही स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर कोई कार्ययोजना तैयार की।
16 जून से स्कूल खुलने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन शहर में कहीं भी स्कूल बस स्टॉप निर्माण या चिन्हांकन का काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नगर पालिका किसी बड़े हादसे या शहरव्यापी ट्रैफिक जाम का इंतजार कर रही है?
वार्ड वाशी के वर्जन
हर वार्ड में स्कूल बस स्टॉप बनाने की योजना आखिर कब बनेगी?
क्या नगर पालिका केवल कागजी विकास तक सीमित रह गई है?
क्या ट्रैफिक जाम और दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा?
स्कूल खुलने से पहले व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

शहरवासियों ने नगर पालिका, जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से मांग की है कि 16 जून से पहले सभी वार्डों में स्कूल बस स्टॉप चिन्हित किए जाएं, बसों के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएं और मोहल्लों में अनियंत्रित बस संचालन पर रोक लगाई जाए। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं बनाई गई तो नए शिक्षा सत्र के पहले ही दिन कवर्धा की सड़कें ट्रैफिक जाम का पर्याय बन जाएंगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

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