भोरमदेव मंदिर में अव्यवस्था और शिवभक्तों से दुर्व्यवहार पर भड़के शिवभक्त विकाश केशरी
कहा VIP कल्चर निभाना है तो सावन के बाद निभाएं, भोले के भक्तों के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

कवर्धा। पवित्र सावन मास में लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए कठिन तपस्या, आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान भोरमदेव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। दूर-दूर से आने वाले शिवभक्त कांवड़ लेकर लंबी दूरी तय करते हैं और घंटों पैदल चलकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने की मनोकामना लेकर भोरमदेव पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, भेदभाव अथवा दुर्व्यवहार की शिकायत अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो को लेकर कवर्धा के युवा नेता एवं महाकाल भक्त विकाश केशरी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि इन वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति वास्तविक है और कांवड़ियों एवं आम शिवभक्तों को बाहर खड़ा रखकर किसी विशेष व्यक्ति या VIP के लिए दर्शन व्यवस्था में प्राथमिकता दी जा रही है, तो यह करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का अपमान है।
विकाश केशरी ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव और उनके भक्तों के लिए विशेष आस्था का पर्व है। इस दौरान कोई शिवभक्त अपने घर से निकलकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर कांवड़ लेकर भोरमदेव पहुंचता है। उसके मन में केवल भगवान के दर्शन और जलाभिषेक की भावना होती है। ऐसे श्रद्धालु को घंटों इंतजार करवाना, उसके साथ अभद्र व्यवहार करना अथवा VIP व्यवस्था के नाम पर उसके सम्मान और आस्था को ठेस पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने प्रशासन को दो टूक शब्दों में कहा कि “अगर VIP कल्चर निभाना है तो सावन के बाद निभाइए, लेकिन सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के भक्तों को VIP और आम श्रद्धालु के नाम पर बांटने का अधिकार किसी को नहीं है।”
केशरी ने कहा कि भोरमदेव केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सम्मान का अधिकारी है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह भीड़ को नियंत्रित करे, सुरक्षा व्यवस्था बनाए और सुचारू दर्शन की व्यवस्था करे, लेकिन व्यवस्था के नाम पर शिवभक्तों के सम्मान से समझौता या उनके साथ दुर्व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को सोशल मीडिया में सामने आए वीडियो और श्रद्धालुओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच करनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी या अन्य व्यक्ति द्वारा श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विकाश केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि “हम भगवान भोलेनाथ के भक्त हैं। हमारी आस्था को कमजोरी समझने की भूल न की जाए। किसी भी शिवभक्त के साथ दुर्व्यवहार हुआ तो प्रशासन से हम भोले के चेले बनकर जवाब मांगेंगे। जरूरत पड़ी तो शिवभक्तों के सम्मान और भोरमदेव की गरिमा के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के सम्मान, धार्मिक आस्था और भोरमदेव की प्रतिष्ठा का सवाल है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए, ताकि सावन के शेष दिनों में भोरमदेव पहुंचने वाले किसी भी शिवभक्त को परेशानी न हो।
अंत में केशरी ने कहा कि “भोरमदेव में आने वाला हर भक्त भगवान भोलेनाथ का अतिथि है। यहां किसी की हैसियत नहीं, केवल उसकी आस्था देखी जानी चाहिए। VIP से पहले VVIP हैं भगवान भोलेनाथ के भक्त और उनके सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।”
उन्होंने जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन से तत्काल प्रभाव से दर्शन व्यवस्था की समीक्षा करने, कांवड़ियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई और शिवभक्तों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं जारी रहीं, तो वे शिवभक्तों के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।




