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रामानुजन पब्लिक स्कूल लोहारा के ऊपर से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन, बच्चों की जान से खिलवाड़ या विभागीय लापरवाही


लोहारा, कबीरधाम। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन लोहारा स्थित रामानुजन पब्लिक स्कूल को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल भवन के ऊपर से 33 केवी हाई टेंशन बिजली लाइन गुजर रही है, जिसे लेकर अब अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच चिंता बढ़ने लगी है।
बताया जा रहा है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस स्कूल में अध्ययन करने पहुंचते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बरसात के मौसम, तेज आंधी, तूफान या तकनीकी खराबी की स्थिति में खतरा और बढ़ जाता है। इसके बावजूद अब तक न तो बिजली विभाग और न ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है।
मामले को और गंभीर बनाता है छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जारी वह दस्तावेज, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यदि किसी भूमि के ऊपर से विद्युत लाइन गुजर रही हो तो लाइन के नीचे किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाना चाहिए तथा सुरक्षा मानकों के अनुरूप पर्याप्त दूरी बनाए रखना आवश्यक है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर स्कूल भवन के ऊपर से 33 केवी लाइन गुजरने की अनुमति कैसे मिली?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लाइन पहले से मौजूद थी तो भवन निर्माण की अनुमति देते समय संबंधित विभागों ने आपत्ति क्यों नहीं की? वहीं यदि स्कूल पहले से संचालित था तो बाद में हाई टेंशन लाइन को विद्यालय परिसर से दूर करने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इन सवालों का जवाब आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से नहीं दिया है।
अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन यदि स्कूल परिसर ही संभावित खतरे के घेरे में हो तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में बैठे हुए हैं। कई लोगों ने यह भी मांग की है कि स्कूल परिसर का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और सुरक्षा मानकों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि किसी आवासीय भवन के लिए बिजली विभाग सुरक्षा दूरी और निर्माण प्रतिबंध की शर्तें लागू करता है, तो फिर सैकड़ों बच्चों वाले स्कूल परिसर के मामले में इतनी गंभीर चूक कैसे हो सकती है? यह केवल एक प्रशासनिक त्रुटि नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल जांच कराएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे, या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद केवल औपचारिक जांच और जिम्मेदारियों के निर्धारण तक ही मामला सीमित रह जाएगा?
फिलहाल रामानुजन पब्लिक स्कूल के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन को लेकर उठ रहे सवालों ने सुरक्षा व्यवस्था, विभागीय जवाबदेही और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

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