हथकड़ी पहनाकर ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन, SIR पर कांग्रेस का हमला; चुनावी पारदर्शिता की उठाई मांग
कवर्धा में नवीन जायसवाल के नेतृत्व में निकला पैदल मार्च, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
कवर्धा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम ने बुधवार को कवर्धा में विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक पुतले को हथकड़ी पहनाकर पुतला दहन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मतदाता अधिकारों की सुरक्षा तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की।
मतदाता सूची और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के विश्वास पर निर्भर करती है। यदि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं, तो निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
जायसवाल ने महंगाई, किसानों की समस्याओं, युवाओं की चुनौतियों और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना भी जरूरी है।
रिपोर्ट का हवाला देकर निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने द इंडियन एक्सप्रेस की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, रिपोर्ट में निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा आयोग के कुछ निर्णयों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज किए जाने का उल्लेख है। कांग्रेस नेताओं ने नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और संबंधित आईटी प्रणाली के केंद्रीकरण जैसे विषयों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित होने की आशंका न रहे। पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग से उठाए जा रहे सवालों पर तथ्यात्मक जवाब देने की अपील की।
नेताओं ने कहा मताधिकार की सुरक्षा सर्वोपरि
पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी नीलू चंद्रवंशी ने कहा कि राहुल गांधी सहित कांग्रेस के नेता लंबे समय से SIR और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।
पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वहीं, पूर्व अध्यक्ष होरीराम साहू ने कहा कि जनता का मत लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी विवाद या संदेह का समाधान तथ्यों और जवाबदेही के आधार पर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का उचित समाधान किया जाए।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष महेश चंद्रवंशी, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी एवं ब्रजेश चंद्रवंशी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम साहू, मणिकांत त्रिपाठी, प्रभाती मरकाम, छबिलाल वर्मा, चेतन वर्मा, शौंकी साहू, उत्तरा दिवाकर, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा अनंत, शहर अध्यक्ष नारायणी तोंडर, किसान कांग्रेस अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी, सेवादल अध्यक्ष पदुम सेन सहित आकाश केशवानी, मेहुल सत्यवंशी, अरविंद चंद्रवंशी, विकास चंद्रवंशी, शिवेंद्र वर्मा, अमन वर्मा, राजा झारिया, कृष्ण नामदेव, आशीष साहू और वैभव ठाकुर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मतदाता अधिकारों, संविधान और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी।



