खड़गे के बयान पर भाजयुमो का पुतला दहन, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से आगे क्या


कवर्धा में सिग्नल चौक पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन, भाजपा नेताओं ने साधा निशाना; सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच मर्यादित राजनीति का सवाल भी अहम
कवर्धा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा, जिला कबीरधाम ने सोमवार को सिग्नल चौक पर पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी हुई और प्रधानमंत्री पद की गरिमा का सम्मान करने की मांग उठाई गई। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन के बीच एक बार फिर सवाल यही है कि क्या राजनीतिक विरोध अब मुद्दों पर बहस करने के बजाय बयानबाजी और प्रतीकात्मक प्रदर्शनों तक सिमटता जा रहा है?
भाजयुमो के इस प्रदर्शन में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी और भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर पीयूष सिंह सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
बयानबाजी पर नाराजगी, लेकिन राजनीतिक मर्यादा सभी के लिए जरूरी
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को अहंकार और राजनीतिक हताशा से जोड़ते हुए आलोचना की। वहीं, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर पीयूष सिंह ने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले भी नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और जनसमर्थन से कांग्रेस असहज है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने बयान पर आत्ममंथन करने और देश की जनता से माफी मांगने की मांग की। हालांकि, लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है। ऐसे में सवाल यह भी है कि राजनीतिक मर्यादा की मांग केवल विरोधी दल से ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं से समान रूप से क्यों न की जाए?
पुतला दहन से आगे भी जवाबदेही की जरूरत
कवर्धा के सिग्नल चौक पर हुए प्रदर्शन में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। लेकिन राजनीतिक विरोध का असर केवल पुतला दहन और नारों तक सीमित न रहे, इसके लिए जरूरी है कि राजनीतिक दल जनता से जुड़े सवालों पर भी इसी तरह सक्रियता दिखाएं।
महंगाई, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय समस्याओं जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों की सक्रियता भी जनता के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री के सम्मान और राजनीतिक भाषा की मर्यादा पर बहस जरूरी है, लेकिन इसके साथ जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही भी लोकतांत्रिक राजनीति का अहम हिस्सा है।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर पीयूष सिंह, विक्की अग्रवाल, जिला महामंत्री अमित चंद्रवंशी, जिला उपाध्यक्ष सौरभ सिंह, अशवन साहू, नितिन चंद्रवंशी, अजय ठाकुर, सुदर्शन कुंभकार, योगेश चंद्रवंशी, सानू साहू, रिंकेश वैष्णव, राजेंद्र शर्मा, संजय मिश्रा, दीना मल्लाह, केसरी चंद सोनी, अनिल साहू, मुकेश सेन, दीपक ठाकुर, राकेश साहू, संजीव कुर्रे, धर्मेंद्र पटेल, उमेश्वर साहू, परमेश यादव, सुनील साहू, मनोज चंद्रवंशी, पवन चंद्रवंशी, मनोज बंजारे, विजय साहू, गोलू राजपूत, कार्तिक सोनी, मनजीत ठाकरे, दीपक सोनी, गौरव जायसवाल और विवेक चंद्रवंशी सहित भाजयुमो के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




