दलदली के वनांचल क्षेत्र में चना वितरण नहीं खाद्य विभाग की लापरवाही
ग्राम गभोड़ा के बैगा आदिवासी सड़क,पानी,बिजली,KYC अपडेट के लिए परेशान

विकास के दावों की खुली पोल: कागजों तक सीमित योजनाएं, जमीनी हकीकत कुछ और
बोडला ब्लॉक के केशमरदा के आश्रित ग्राम गभोड़ा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, बैगा परिवार परेशान :
कवर्धा, बोडला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम केशमरदा के आश्रित गांव गभोड़ा में पीएम जनमन योजना के तहत सड़क स्वीकृत हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सड़क की कमी के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।गांव में रहने वाले बैगा आदिवासी परिवार पानी, बिजली, राशन और केवाईसी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों में गजरू बैगा, शिवलाल बैगा, सूकलाल बैगा, अर्जुन बैगा, बैसाखू बैगा, फूलबाई, लालिया बाई, टिकली सहित अन्य दर्जनों लोगों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का न होना सबसे बड़ी समस्या है।ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
योजनाओं का जमीन पर क्रियान्वयन इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकता है। बैगा आदिवासी समुदाय का मानना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा वे विकास की मुख्यधारा से बाहर ही रहेंगे।
गांव में पक्की सड़क का अभाव, ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी
गांव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्ते पर चलना जोखिम भरा हो जाता है। आपातकालीन परिस्थितियों में, जैसे मरीज को अस्पताल ले जाना या बच्चों को स्कूल भेजना, ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। वहीं बाजार से जरूरी सामान लाना भी महंगा पड़ रहा है, क्योंकि गांव तक परिवहन की कोई सुगम व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। हालांकि, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत इस गांव के लिए सड़क स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं होना चिंता का विषय है। उनका सवाल है — आखिर कब शुरू होगा निर्माण कार्य और कब मिलेगी उन्हें पक्की सड़क?
पानी की समस्याः
ग्राम गभोड़ा में पानी की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। गांव में पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों की भारी कमी के चलते खासकर महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाते हैं। यह न केवल समय और श्रम की बर्बादी है, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल रहा है।
बिजली की अनियमित आपूर्तिः
बिजली की स्थिति भी अनियमित है। कभी बिजली आती है, कभी जाती है, और कई बार घंटों तक बिजली बंद रहती है। इससे न केवल घरेलू कामकाज प्रभावित होते हैं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई भी कठिन होजाती है। बिजली के बिना मोबाइल चार्जिंग इस कमी के कारण और अधिक परेशान हैं।जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो स्थानीय समुदाय का संघर्षः रही हैं।
महिला कल्याण योजनाओं में दिक्कतः
महिलाओं को महतारी वंदन योजना में केवाईसी अपडेट कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लाभार्थी दस्तावेजों की कमी या प्रक्रिया को समझने में असमर्थ हैं, जिससे वे मासिक सहायता प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। यह योजना गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इस तरह की समस्याओं के कारण लाभाथिर्यों को कोई फायदा नहीं हो पा रहा है।
राशन की कमी:
राशन की दुकानों में चना जैसी आवश्यक चीजों की कमी हो गई है, जिससे परिवारों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। पहले से ही सीमित संसाधनों पर निर्भर बैगा परिवार गजरू बैगा कहते हैं हम जंगल के संरक्षक हैं लेकिन विकास की रोशनी हम तक नहीं पहुंच रही है। अगर हमें सड़क, पानी, बिजली और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल जाएं तो हमारा जीवन बहुत आसान हो सकता है।
समाधान की मांग:
स्थानीय प्रशासन जनजाति कल्याण विभाग और पीएम जनमन योजना के नोडल अधिकारियों से ग्रामीणों ने जल्द कारवाई की मांग की है। विशेष रूप से स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो पानी की समस्या का समाधान किया जाए, बिजली की स्थिति सुधारी जाए और महिला कल्याण योजनाओं के तहत केवाईसी अपडेट की समस्याओं को हल किया जाए। इसके अलावा राशन दुकानों में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।



