Blog

भोरमदेव अभयारण्य में लापरवाही उजागर: वन विभाग की सुस्ती से ग्रामीण दहशत मे।


कबीरधाम। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र के थूहापानी जंगल में हिंसक वन्यजीव की आशंका के बीच वन विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। लगातार मिल रही सूचनाओं के बावजूद विभाग की सक्रियता सवालों के घेरे में है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से जंगल क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन वन विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न ही गश्त बढ़ाई गई और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया। नतीजतन, अब मवेशियों के शिकार की घटनाएं सामने आ रही हैं और लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी वन अमला मौके पर समय पर नहीं पहुंचता। शनिवार को घटना की जानकारी मिलने के बावजूद विभाग की टीम रात में नहीं पहुंची, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आपात स्थिति में विभाग की तैयारी कितनी गंभीर है।
ग्रामीणों में डर का माहौल इतना बढ़ गया है कि लोग शाम होते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं का अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े इस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है, लेकिन इसके लिए पहले से सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम होना जरूरी है, जो फिलहाल नदारद दिख रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जब क्षेत्र में पहले से वन्यजीवों की मौजूदगी की संभावना थी, तो वन विभाग ने सतर्कता क्यों नहीं बरती? क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है?
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गश्त बढ़ाने, निगरानी कैमरे लगाने और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि समय रहते स्थिति पर काबू पाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button