वन विदोहन में गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता पर जोर, कवर्धा वनमंडल में विशेष कार्यशाला आयोजित


कूपों में पातन, लगुण एवं मार्किंग की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने मैदानी कर्मचारियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कवर्धा। वन विदोहन कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मैदानी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से वनमंडल कवर्धा द्वारा विदोहन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत पातन, लगुण एवं मार्किंग विषय पर वनमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन विभाग के मैदानी अमले को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप कार्य करने तथा विदोहन कार्यों में गुणवत्ता और एकरूपता बनाए रखने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के निर्देशन तथा उपवनमंडलाधिकारी सहसपुर लोहारा शिवेन्द्र भगत एवं उपवनमंडलाधिकारी कवर्धा अभिनव केशरवानी के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यशाला वन परिक्षेत्र रेंगाखार (उत्पादन), उपवनमंडल सहसपुर लोहारा के अंतर्गत कूप क्रमांक-III, सुतिया, एस.सी.आई. कक्ष क्रमांक 132 में संपन्न हुई।
तकनीकी प्रक्रियाओं की बारीकियों से कराया गया अवगत
कार्यशाला के दौरान कर्मचारियों को पातन, लगुण एवं मार्किंग से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं, निर्धारित मापदंडों और कार्य निष्पादन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही विभागीय नियमों का पालन करते हुए विदोहन कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने, प्रक्रियाओं में एकरूपता बनाए रखने और मैदानी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
वन विदोहन कार्यों को बेहतर बनाने पर फोकस
वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कूपों में संचालित विदोहन कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप संपादित करना तथा पातन, लगुण एवं मार्किंग की प्रक्रियाओं में दक्षता सुनिश्चित करना रहा। कार्यशाला के माध्यम से मैदानी कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी के साथ कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए आवश्यक व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
वन विभाग का मैदानी अमला रहा मौजूद
कार्यशाला में कवर्धा वनमंडल के अंतर्गत समस्त परिक्षेत्र अधिकारी, कूप प्रभारी, कूप सहायक, परिक्षेत्र सहायक सहित अन्य मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला को वन विदोहन कार्यों में तकनीकी दक्षता, विभागीय प्रक्रियाओं के पालन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।




