शासन और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण किसान खुले बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर

पोस मशीन नहीं होने से कोठार सोसायटी ठप, हजारों किसान खुले बाजार से महंगे दाम पर खरीद रहे खाद
कवर्धा। जिले की कोठार सोसायटी में POS मशीन की अनुपलब्धता के कारण खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। इसका सीधा असर क्षेत्र के मरपा , घुघरीखुर्द , कोठार ,चरडोंगरी,सारंगपुर खुर्द ,फरीद नवागांव , दुल्लापुर ग्राम के हजारों किसानों पर पड़ रहा है, जो अब मजबूरी में खुले बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीद रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सोसायटी में POS मशीन के माध्यम से ही किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन मशीन के नहीं होने से किसानों का पंजीयन और सत्यापन नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते खाद का वितरण रुका हुआ है। किसानों का कहना है कि बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में खाद की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। बावजूद इसके सोसायटी से खाद नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां कीमतें अधिक वसूली जा रही हैं।
कोठार सोसायटी में हजारों बोरी खाद का स्टॉक, फिर भी किसानों को परेशानी
कवर्धा क्षेत्र की कोठार सोसायटी में फरवरी और मार्च माह के दौरान विभिन्न प्रकार के खाद का पर्याप्त भंडारण किया गया था। दस्तावेजों के अनुसार यूरिया, सुपर फास्फेट (राखड़) और NPK (DAP) की बड़ी मात्रा में आपूर्ति हुई, इसके बावजूद किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यूरिया का स्टॉक 12 फरवरी को 668 बोरी, 24 फरवरी को 668 बोरी तथा 17 मार्च को 700 बोरी रखा गया था। वहीं सुपर फास्फेट (राखड़) 22 फरवरी को 600 बोरी और 2 मार्च को 700 बोरी सोसायटी में उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार NPK खाद का स्टॉक भी लगातार बढ़ाया गया, जिसमें 10 फरवरी को 700 बोरी, 14 फरवरी को 700 बोरी, 15 फरवरी को 900 बोरी, 1 मार्च को 600 बोरी और 11 मार्च को 600 बोरी सोसायटी में जमा किया गया।कुल मिलाकर सोसायटी में हजारों बोरी खाद का भंडारण होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है।
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने खाद संकट पर सरकार को घेरा
कवर्धा: युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने क्षेत्र में खाद की समस्या को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कोठार सोसायटी में हजारों बोरी खाद का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।आकाश केशरवानी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्थागत खामियों के कारण किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला कांग्रेस सचिव भुवनेश्वर पटेल ने कहा की कि यह स्थिति सरकार की विफलता को दर्शाती है, जहां उपलब्ध संसाधनों का सही तरीके से वितरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने मांग की कि किसानों को जल्द से जल्द सुचारू रूप से खाद उपलब्ध कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
कोठार के किसानों ने उठाई खाद की मांग, जल्द उपलब्ध कराने की अपील
कोठार क्षेत्र के किसानों ने खाद की कमी को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही है और उन्हें मजबूरी में खुले बाजार से महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा है। किसान ऋतुराज चंद्रवशी, रमेंद्र चंद्रवशी, प्रमोद नाथ योगी, धनंजय चंद्रवंशी, नंदराम पटेल, विरेन्द्र चंद्रवंशी और विकास चंद्रवंशी ने बताया कि बोआई और फसल की देखभाल के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की उपलब्धता बेहद जरूरी है।




